केडी स्टार सीनियर सेकेंडरी स्कूल बाशिंग में प्राथमिक विंग का शुभारंभ, 45 नन्हे विद्यार्थियों के साथ नई शुरुआत, सेवानिवृत्त प्राचार्य मनदीप शर्मा रहे चीफ गेस्ट
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केडी स्टार सीनियर सेकेंडरी स्कूल बाशिंग में प्राथमिक विंग का शुभारंभ, 45 नन्हे विद्यार्थियों के साथ नई शुरुआत, सेवानिवृत्त प्राचार्य मनदीप शर्मा रहे चीफ गेस्ट
देसी चैनल कुल्लू
कुल्लू। बाशिंग स्थित केडी स्टार सीनियर सेकेंडरी स्कूल में नव स्थापित प्राथमिक विंग का शुभारंभ एक यादगार अवसर के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए विद्यालय की अब तक की यात्रा और भविष्य की योजनाओं को साझा किया। कुल्लू कॉलेज के पूर्व प्राचार्य मनदीप शर्मा कार्यक्रम के चीफ गेस्ट रहे। चीफ गेस्ट ने अपने भाषण में कहा कि केडी स्टार स्कूल की लोकेशन पढ़ाई के वातावरण के लिए अनुकूल है। प्रकृति के बीच में ऐसा माहौल कहीं भी नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में यह स्कूल केडी सुपर स्टार स्कूल बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को नशे से दूर रखें।
इस अवसर पर केडी स्टार के प्रधानाचार्य राजिंद्र ठाकुर ने बताया कि केडी स्टार स्कूल की शुरुआत वर्ष 2019 में केवल 63 विद्यार्थियों के साथ हुई थी। उस समय संसाधन सीमित थे, लेकिन संस्थान के पास एक स्पष्ट लक्ष्य और मजबूत संकल्प था। उद्देश्य केवल मेधावी छात्र तैयार करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार और संस्कारी नागरिक बनाना भी रहा है।
अभिभावकों के विश्वास और विद्यालय की समर्पित टीम के प्रयासों से यह छोटा सा प्रयास आज बढ़कर 270 विद्यार्थियों के बड़े परिवार में बदल चुका है, जिसमें एक मजबूत छात्रावास समुदाय भी शामिल है।
विद्यालय के नाम “केडी स्टार” का भी विशेष महत्व है। “केडी” का अर्थ संस्थापक की दिवंगत दादी स्वर्गीय केकती देवी की पावन स्मृति से जुड़ा है, जिनका आशीर्वाद आज भी विद्यालय के मार्गदर्शन का स्रोत है। वहीं “स्टार” स्वामी दयानंद सरस्वती के आदर्शों—सत्य, अनुशासन और सेवा—से प्रेरित है, जो विद्यालय की शैक्षणिक सोच का आधार हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि स्कूल केवल पढ़ाई का स्थान नहीं है, बल्कि यह वह जगह है जहां चरित्र का निर्माण होता है और भविष्य की दिशा तय होती है।
आज जब विद्यालय में 45 नन्हे विद्यार्थियों के साथ प्राथमिक विंग की शुरुआत की जा रही है, तो यह शिक्षा के सबसे महत्वपूर्ण चरण—बचपन के प्रारंभिक वर्षों—में निवेश करने जैसा है। क्योंकि किसी भी बच्चे के सपनों की पहली उड़ान और उसके उज्ज्वल भविष्य की नींव यहीं से रखी जाती है।
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