भूट्ठी विवर्स सहकारी समिति (भुट्टिको) में हैंडलूम प्रशिक्षण का समापन, 21 प्रशिक्षुओं को दी गई टूलकिट व खड्डी
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भूट्ठी विवर्स सहकारी समिति (भुट्टिको) में हैंडलूम प्रशिक्षण का समापन, 21 प्रशिक्षुओं को दी गई टूलकिट व खड्डी
देसी चैनल कुल्लू
साढ़े चार माह के प्रशिक्षण समापन कार्यक्रम में परियोजना निदेशक डॉ. सुनील चौहान मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल, उप-परियोजना छरेहरा का किया निरीक्षण
हिमाचल प्रदेश में चल रहे फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (चरण II) जायका (कृषि) के तहत खण्ड परियोजना प्रबंधन इकाई कुल्लू, जिला कुल्लू के अंतर्गत आने वाली उप-परियोजनाओं में से 21 महिला लाभार्थियों को भूट्ठी विवर्स सहकारी समिति में साढ़े चार माह का हथकरघा प्रशिक्षण दिया जा रहा था जो कि आज दिनांक 14 मार्च 2026 को पूरा हो चुका है । इस उपलक्ष हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना से परियोजना निदेशक डॉ० सुनील चौहान वतोर मुख्यातिथि उपस्थित रहे तथा मुख्य सलाहकार श्री बलजीत सिंह संधु भी मोजूद रहे ।
खण्ड परियोजना प्रबंधक कुल्लू डॉo जयंत रतना ने कार्यक्रम का आरंभ करते हुए भूट्ठी विवर्स सहकारी समिति के अध्यक्ष श्री सत्य प्रकाश ठाकुर जी का आभार प्रकट करते हुए उनका धन्याबाद किया कि उन्होंने भूट्ठी विवर्स सहकारी समिति में जायका (कृषि) के अंतर्गत आने वाले लाभार्थियों को साढ़े चार माह के हथकरघा प्रशिक्षण देने के लिए स्वीकृति प्रदान की ।
कार्यक्रम शुरू होने पर श्री सत्य प्रकाश ठाकुर भूट्ठी विवर्स सहकारी समिति के अध्यक्ष (पूर्व बागवानी मंत्री, हिमाचल प्रदेश सरकार) ने तथा परियोजना निदेशक डॉ० सुनील चौहान एक-दूसरे को विधिगत तरीके कुलवी टोपी व मफ़लर देकर सम्मानित किया । श्री सत्य प्रकाश ठाकुर जी ने भूट्ठी विवर्स सहकारी समिति को हथकरघा प्रशिक्षण के लिए चुनने हेतु डॉ० सुनील चौहान व खण्ड परियोजना प्रबंधक कुल्लू डॉo जयंत रतना का धन्यबाद किया । कार्यकरम के दौरान श्री सत्य प्रकाश ठाकुर जी ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने के साथ-साथ प्रदेश की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प को भी बढ़ावा देते हैं तथा उन्होंने हथकरघा उद्धोग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह क्षेत्र न केवल पारंपरिक कला और संस्कृति को जीवित रखता है बल्कि स्थानीय बुनकरों को रोजगार के अवसर भी प्रदान करना है । अपने अनुभवों को सांझा करते हुए श्री सत्य प्रकाश ठाकुर जी ने हथकरघा प्रशिक्षण के बारे में अवगत करवाया व उन्हे बताया कि किस तरह से वह अब ये शैली सीखने के बाद अपनी आजीविका में सुधार ला सकते है । साथ ही में उन्होंने सभी अथितियों को भूट्ठी विवर्स के इतिहास के बारे में भी अवगत करवाया । उन्होंने बताया कि किस तरह से स्वर्गीय श्री वेद राम ठाकुर (soul of bhuttico) ने इस संस्था को शुरू किया था, उनका सपना था कि वह कुल्लू कि इस शैली को देश-विदेश में पहुंचाए तथा उनके इस अगर्मी प्रयास से आज इस संस्था के माध्यम से कुलवी शॉल, कुलवी टोपी व कुलवी मफ़लर को देश-विदेश में पहचान मिली है ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परियोजना निदेशक डॉ. सुनील चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित करना तथा युवाओं और महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इन्हें आधुनिक तकनीकों व बाजार से जोड़कर बेहतर आय के अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कौशल का उपयोग कर स्वरोजगार के अवसर विकसित करें और अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बनें। साथ हि में उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को खड्डी, खड्डी में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों कि किट तथा प्रमाण पत्र प्रदान किए । इसके पश्चात परियोजना निदेशक ने श्री सत्य प्रकाश ठाकुर जी का धन्याबाद करते हुए प्रशिक्षुओं को बताया कि सेवा क्षेत्र गतिविधि के माध्यम से बुनकरों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण तथा विभिन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जायेगी । अंत में कार्यकर्म के सफल संचालन के लिए सभी सहयोगी और लाभार्थियों का आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी हथकरघा क्षेत्र के विकास के लिए इसे कार्यकरम जारी रखने पर चर्चा कि गई ।
साथ हि में परियोजना निदेशक ने कुल्लू जिला में चल रही वहाव सिंचाई योजना छरेहरा में शैप (लघु धारक बागवानी सशक्तिकरण प्रोत्साहन परियोजना) के अंतर्गत आने वाले किसानों के साथ समीक्षा बैठक कि जिसमे उन्होंने किसानों को बताया कि वह किस तरह से अपनी सब्जियों को सीधे ग्राहक तक पहुंचाए जिससे वे अपनी फसल का अधिक मूल्य प्राप्त कर सकें । तथा किसानों ने अभी कृषि में आने वाली समस्याओं पर उनके साथ अपने विचार साझा किए । इसके उपरांत उन्होंने किसानों के साथ वहाव सिंचाई योजना छरेहरा में लहूसन कि फसल का निरीक्षण भी किया ।
इस उपलक्ष पर हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (चरण II) जायका (कृषि) से मुख्य सलाहकार श्री बलजीत सिंह संधु, जिला परियोजना प्रबंधन इकाई मंडी से जिला परियोजना प्रबंधक मंडी डॉo हेम राज वर्मा, विषयवाद विशेषज्ञ डॉo खुब राम, खण्ड परियोजना प्रबंधक कुल्लू डॉo जयंत रतना, निर्माण अभियंता श्री अंकुश शर्मा, श्री भरत भूषण आदि मौजूद रहे ।
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