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ज्ञान भारतम्’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण शुरू, अमूल्य विरासत के संरक्षण को आगे आएं लोग: प्रोमिला गुलेरिया

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‘ज्ञान भारतम्’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण शुरू, अमूल्य विरासत के संरक्षण को आगे आएं लोग: प्रोमिला गुलेरिया

कुल्लू।

देसी चैनल कुल्लू 

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित ‘ज्ञान भारतम्’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के अंतर्गत देश की अमूल्य पांडुलिपि विरासत के संरक्षण और दस्तावेजीकरण हेतु व्यापक अभियान शुरू किया गया है। इस संबंध में जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया कुल्लू ने आम जनता से सहयोग की अपील की है।

जारी सूचना के अनुसार इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य देशभर में उपलब्ध अप्रकाशित एवं असूचीबद्ध पांडुलिपियों का संकलन, संरक्षण और अभिलेखीकरण सुनिश्चित करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस बहुमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखा जा सके।

भाषा एवं संस्कृति विभाग ने स्पष्ट किया है कि कई प्राचीन पांडुलिपियां अभी भी मंदिरों, बौद्ध मठों, निजी परिवारों, व्यक्तियों, संस्थाओं, संगठनों एवं विभिन्न समुदायों के पास सुरक्षित हैं, लेकिन उनका अब तक कोई आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार नहीं हो पाया है। ऐसे में यह सर्वेक्षण इन दुर्लभ दस्तावेजों को पहचानने और संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

जिला भाषा अधिकारी ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि यदि उनके पास या उनके जानकारी में किसी भी प्रकार की पांडुलिपियां उपलब्ध हों, जो अभी तक सूचीबद्ध या पंजीकृत नहीं हुई हैं, तो वे तुरंत भाषा एवं संस्कृति विभाग के कार्यालय में संपर्क करें।

इसके साथ ही ‘ज्ञान भारतम्’ मोबाइल ऐप और आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भी लोग ऑनलाइन सर्वेक्षण में भाग लेकर पांडुलिपियों का पंजीकरण करवा सकते हैं। विभाग ने कहा कि इस पहल में जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है, ताकि देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित किया जा सके।

अंत में विभाग ने सभी से इस महत्वपूर्ण अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की है, जिससे भारत की समृद्ध पांडुलिपि परंपरा को सहेजा और आगे बढ़ाया जा सके।

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