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जायका (कृषि) द्वारा कुल्लू में राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बजौरा में “अगली पीढ़ी के लिए कार्यक्रम” का शुभारंभ !

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जायका (कृषि) द्वारा कुल्लू में राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बजौरा में “अगली पीढ़ी के लिए कार्यक्रम” का शुभारंभ !

देसी चैनल कुल्लू 

कुल्लू, 16 अक्टूबर 2026। हिमाचल प्रदेश सरकार एवं जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (JICA) के सहयोग से संचालित हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (HPCDP-II), JICA-ODA के अंतर्गत आज राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बजौरा में ‘अगली पीढ़ी के लिए जागरूकता कार्यक्रम’ (Programme for Next Generation) के तहत एक दिवसीय उन्नमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जायका (कृषि) द्वारा कार्यक्रम संचालन हेतु चयनित संस्था “सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (CTED), जगदीशपुर-अमेठी, उत्तर प्रदेश” द्वारा किया गया। गोरतलब है कि खंड परियोजना प्रबंधन इकाई कुल्लू द्वारा कुल्लू एवं लाहौल व स्पीति जिला में कुल 5 स्कूलों को चिन्हित किया गया है जिनमे कुल मिलाकर 150 विधयार्थियों को चयनों-उपरांत 7 दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा एवं अंतत: राज्य स्तरीय प्रतियोगिता हेतु 1 स्कूल एवं 5 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा । प्रतियोगिता के माध्यम से विजेता स्कूलों एवं बचों को पुरस्कृत भी किया जाना है ।

कार्यक्रम में खंड परियोजना प्रबंधक इकाई कुल्लू से खंड परियोजना प्रबंधक डॉ. जयंत रत्ना ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (HPCDP-II) के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली एवं कृषि क्षेत्र में इसके योगदान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने ‘अगली पीढ़ी के लिए जागरूकता कार्यक्रम’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को कृषि के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने, आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने तथा कृषि आधारित आजीविका एवं स्वरोजगार के अवसरों के प्रति जागरूक होने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि कृषि केवल पारंपरिक आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीकों, नवाचार एवं उद्यमिता के माध्यम से इसमें रोजगार की अपार संभावनाएँ भी उपलब्ध हैं।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवा पीढ़ी को कृषि, पोषण, आधुनिक कृषि तकनीकों, पर्यावरण संरक्षण तथा कृषि आधारित रोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों के प्रति जागरूक करना है। इस पहल के माध्यम से युवाओं में कृषि के प्रति रुचि विकसित करने और उन्हें आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों से परिचित कराने पर बल दिया जा रहा है।

कार्यक्रम के अंतर्गत पाँच प्रमुख विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया। इनमें संतुलित भोजन एवं पोषण, प्राकृतिक खेती एवं उन्नत तकनीकें, जलवायु अनुकूल खेती, कृषि में रोजगार एवं बाजार संबंधी जानकारी तथा व्यावहारिक कृषि गतिविधियाँ शामिल हैं। इन विषयों के माध्यम से विद्यार्थियों को संतुलित आहार एवं पोषण के महत्व, प्राकृतिक खेती, पॉलीहाउस तकनीक, जल संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के अनुरूप कृषि पद्धतियों तथा कृषि क्षेत्र में स्वरोजगार एवं उद्यमिता की संभावनाओं से परिचित कराने का प्रयास किया गया। इसके अतिरिक्त, नर्सरी तैयार करना, वर्मी कम्पोस्ट बनाना तथा पोषण वाटिका स्थापित करने जैसी व्यावहारिक गतिविधियों को भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।

इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बजौरा की प्रधानाचार्य श्रीमती दीप्ति पॉल, भौतिक विज्ञान प्रवक्ता श्री कश्मीर ठाकुर, हिंदी प्रवक्ता श्री जोगिंदर सिंह एवं रसायन विज्ञान प्रवक्ता श्री दीवान सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम के लिए विद्यालय की नोडल अधिकारी एवं व्यावसायिक कृषि शिक्षिका श्रीमती पूजा प्रसाद ने समन्वय की भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त, राज्य परियोजना टीम लीडर श्री ए.के. श्रीवास्तव, टीम लीडर मंडी श्री गुरदेव और ब्लॉक समन्वयक कुल्लू श्री जितेंद्र सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों को कार्यक्रम की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।

हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (चरण II) जायका- ओo डीo एo के अंतर्गत संचालित यह पहल युवा पीढ़ी को कृषि से जोड़ने, कृषि के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने तथा भविष्य में कृषि आधारित आजीविका एवं उद्यमिता के अवसरों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में उपलब्ध आधुनिक तकनीकों, नवाचारों एवं रोजगार की संभावनाओं की जानकारी प्राप्त होती है, जिससे वे भविष्य में कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।

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