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कृषि विभाग ने मक्की में फॉल आर्मीवर्म के खतरे पर बढ़ाई निगरानी किसानों के लिये एडवाइजरी जारी।

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कृषि विभाग ने मक्की में फॉल आर्मीवर्म के खतरे पर बढ़ाई निगरानी
किसानों के लिये एडवाइजरी जारी

देसी चैनल कुल्लू,

प्रदेश में मक्की की फसल पर फॉल आर्मीवर्म का प्रकोप बढ़ने की संभावना को देखते हुए कृषि विभाग ने जिला कुल्लू में निगरानी और नियंत्रण अभियान तेज कर दिया है।
उप कृषि निदेशक डॉ. ऋतु गुप्ता ने बताया कि विभाग द्वारा गठित जिला स्तरीय डायग्नोस्टिक टीम प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर फसलों का निरीक्षण कर रही है तथा किसानों को समय रहते आवश्यक नियंत्रण उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है।
इसी क्रम में टीम ने खोखन पंचायत के मक्की के खेतों का निरीक्षण किया, जहां फसल में फॉल आर्मीवर्म का लगभग 5 से 10 प्रतिशत प्रकोप पाया गया। निरीक्षण दल में जिला कृषि अधिकारी सुशील कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र बजौरा के कीट वैज्ञानिक डॉ. रमेश लाल, कृषि विकास अधिकारी राकेश कुमार तथा कृषि विकास अधिकारी भुंतर मधुसूदन शर्मा शामिल रहे।
ऋतु गुप्ता ने बताया कि इस कीट की प्रारंभिक पहचान पत्तियों पर सुई जैसे छोटे-छोटे छेद तथा बाद में बनने वाले बड़े अनियमित सुराखों से होती है। इसकी सूंडियां पत्तियों की मध्यकली के भीतर रहकर तेजी से फसल को नुकसान पहुंचाती हैं।
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि यदि खेत में कीट का प्रकोप 10 प्रतिशत से कम हो तो नीम आधारित कीटनाशक का प्रयोग करें।
अधिक प्रकोप होने पर एमामेक्टिन बेंजोएट 0.4 ग्राम प्रति लीटर पानी अथवा क्लोरान्ट्रानिलिप्रोल 0.4 मिली प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर 15 दिन के अंतराल पर छिड़काव किया जा सकता है।
प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसान 5 लीटर अग्निअस्त्र या ब्रह्मास्त्र को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़काव करें।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि यदि मक्की की पत्तियों पर छेद, मध्यकली में कीट अथवा कीट का मल दिखाई दे तो तुरंत कृषि विभाग या निकटतम कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें, ताकि समय रहते नियंत्रण कर फसल को नुकसान से बचाया जा सके।

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