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जिला कारागार कुल्लू में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा आध्यात्मिक चिन्तन कार्यक्रम आयोजित।

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जिला कारागार कुल्लू में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा आध्यात्मिक चिन्तन कार्यक्रम आयोजित।

देसी चैनल कुल्लू 

‘अंतर्क्रांति’ के अंतर्गत बंदी सुधार एवं पुनर्वास के लिए आध्यात्मिक चिंतन।

कुल्लू, 5 अक्टूबर 2026। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा संचालित बंदी सुधार एवं पुनर्वास कार्यक्रम ‘अंतर्क्रांति’ के अंतर्गत आज जिला कारागार कुल्लू में आध्यात्मिक चिन्तन एवं भजन संकीर्तनकार्यक्रम आयोजित किया गया। बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, आत्मचिंतन तथा आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति जागरूकता इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रार्थना से हुआ जिसका गायन साध्वी गुरुगीता भारती एवं साध्वी कंचन भारती ने किया।
महात्मा डॉ अवमिंदर ने अपने विचारों में संस्थान के बारे में अवगत करवाते हुए बताया कि दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के संस्थापक एवं संचालक गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी की प्रेरणा से संचालित ‘अंतर्क्रांति’ प्रकल्प बंदियों के आंतरिक परिवर्तन और पुनर्वास के लिए समर्पित पहल है। जिसका उद्देश्य बंदियों में आत्मसम्मान, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करना है, ताकि वे अपने जीवन में सुधार की दिशा में आगे बढ़ सकें।
स्वामी धीरानंद जी ने सत्संग विचारों में बताया कि आध्यात्मिक चिंतन व्यक्ति को अपने विचारों, व्यवहार और निर्णयों का मूल्यांकन करने का अवसर देता है। जीवन में परिवर्तन की शुरुआत अपनी गलतियों को स्वीकार करने, उनसे सीखने और बेहतर आचरण का संकल्प लेने से होती है। सत्य, संयम, धैर्य, क्षमा तथा सद्भाव जैसे मूल्य इस प्रक्रिया को मजबूत आधार प्रदान करते हैं।
स्वामी जी ने कहा कि बंदी सुधार की प्रक्रिया में सकारात्मक सोच और मानसिक संतुलन का विशेष महत्व है। सत्संग जैसे आयोजन आत्मचिंतन का वातावरण उपलब्ध कराते हैं और व्यक्ति को निराशा से ऊपर उठकर अपने भविष्य के प्रति आशावान होने की प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम के विश्राम में जेल अधिकारी विशाल डोगरा ने संस्थान के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह आयोजन बंदियों तक आध्यात्मिक चिंतन और जीवन को नई दिशा देने की प्रेरणा पहुँचाने का एक सफल प्रयास रहा है।भविष्य में भी जेल प्रशासन कुल्लू एवं दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान संयुक्त प्रयासों से बन्दियों के कल्याण के लिए कार्यक्रम करते रहेंगे।

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