कुल्लू में 170 सैनिकों को मिला सम्मान, अटल सदन में एकल अभियान का भव्य आयोजन
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कुल्लू में 170 सैनिकों को मिला सम्मान, अटल सदन में एकल अभियान का भव्य आयोजन
कुल्लू।
देसी चैनल कुल्लू
जिला मुख्यालय कुल्लू स्थित अटल सदन में सैनिकों के सम्मान में एक भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन एकल अभियान मनाली आंचल द्वारा किया गया, जिसमें कुल 170 सैनिकों और उनके परिवारजनों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, गणमान्य नागरिक और युवा भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा नेत्री वर्षा ठाकुर ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश के सैनिकों के अद्वितीय साहस, त्याग और समर्पण के कारण ही देश का हर नागरिक सुरक्षित वातावरण में जीवन व्यतीत कर पा रहा है। उन्होंने कहा कि सैनिकों का सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है, और इस प्रकार के आयोजन समाज में देशभक्ति और कृतज्ञता की भावना को मजबूत करते हैं।
वर्षा ठाकुर ने विशेष रूप से उन माताओं, बहनों और पत्नियों को नमन किया, जिन्होंने अपने बेटे और पति देश की सेवा के लिए समर्पित किए। उन्होंने कहा कि जब सैनिक देश की सीमाओं पर कठिन परिस्थितियों में डटे रहते हैं, तभी देशवासी अपने घरों में सुरक्षित और चैन की नींद सो पाते हैं।
इस अवसर पर एकल अभियान के चार राज्यों के अध्यक्षों ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि सैनिक सम्मान का यह कार्यक्रम पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है और अब तक लगभग 20 स्थानों पर सफलतापूर्वक आयोजित हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य समाज और सैनिकों के बीच भावनात्मक संबंध को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में कुल्लू के साथ-साथ लाहौल-स्पीति क्षेत्र से आए सैनिकों और उनके परिवारजनों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। समारोह के दौरान सभी सैनिकों को सम्मान चिन्ह और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान कई सैनिकों ने अपने अनुभव साझा किए, जिनमें सीमा पर बिताए गए कठिन क्षणों और देश सेवा के जज्बे की झलक देखने को मिली।
इन अनुभवों ने कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं को विशेष रूप से प्रेरित किया और उनमें देश सेवा के प्रति उत्साह जगाया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, सैनिकों और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया।
यह आयोजन न केवल सैनिकों के सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, राष्ट्रभक्ति और आपसी जुड़ाव को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
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