सरकार ने तीन वर्षों में विकास और कल्याण के नये आयाम जोड़े, राजस्व वृद्धि पर बल : सुंदर सिंह ठाकुर
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हिमाचल दिवस पर ने कुल्लू में सुंदर सिंह ठाकुर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय ध्वज फहराया, परेड की ली सलामी
हिमाचल दिवस की 78वीं वर्षगांठ के अवसर पर विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली।
समारोह में पुलिस, आईटीबीपी, महिला पुलिस टुकड़ी, होमगार्ड, जूनियर रेड क्रॉस तथा होमगार्ड बैंड्स की टुकड़ियों ने भव्य एवं आकर्षक मार्च-पास्ट प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि गेहूं पर 80 रुपये, मक्का पर 50 रुपये और हल्दी पर 150 रुपये प्रति किलोग्राम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। राज्य में पहली बार अदरक की खरीद पर 30 रुपये प्रति किलो के समर्थन मूल्य पर करने का निर्णय लिया गया है। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए हमारी सरकार ने हिमाचल प्रदेश राज्य किसान आयोग के गठन का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना के तहत पात्र महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा देकर उनकी शिक्षा, आवास और रोजगार की जिम्मेदारी सरकार उठा रही है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन में ऐतिहासिक पहल
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में 3,000 करोड़ रुपये से पुराने उपकरणों को बदलने का निर्णय लिया गया है। शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी शुरू हो चुकी है,राज्य में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत एक क्रांतिकारी पहल है। शिमला के चमियाणा, आईजीएमसी, टांडा और नेरचौक चिकित्सा महाविद्यालय में यह सुविधा उपलब्ध करवाई जा चुकी है जबकि हमीरपुर को जल्दी ही प्रदान की जाएगी
उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में हमारे प्रयास रंग लाए हैं और हमने पूर्णसाक्षर राज्य बनने का मील पत्थर हासिल किया है। राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण के अनुसार हिमाचल को देश में 5वां स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि 2021 में हिमाचल 21वें स्थान पर था। बच्चों के पढ़ने और सीखने के स्तर में हिमाचल प्रथम आंका गया है। शिक्षा क्षेत्र में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम, सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने और राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों की स्थापना जैसे कदम उठाए गए हैं। हमारी सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों को चरणबद्ध माध्यम से सीबीएसई से संबद्ध करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक, धार्मिक, साहसिक, आध्यात्मिक और स्वास्थ्य पर्यटन को बड़े स्तर पर बढ़ावा दे रही है। कांगड़ा जिला को हिमाचल की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। देहरा उप-मण्डल के बनखंडी में दुर्गेश अरण्य वन्यप्राणी उद्यान का कार्य प्रगति पर है। कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए भूमि अधिग्रहणकी प्रक्रिया शुरू की गई है तथा 3 हज़ार 349 करोड़ रुपये के आरएंडआर को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। हमारी सरकार कांगड़ा हवाई अड्डे के समीप कांगड़ा एयरोसिटी नाम से एक नया शहर विकसित करने जा रही है। प्रदेश भर में हेलीपोर्ट, हेलीपैड, रोप-वे निर्माण, ईको पर्यटन स्थल, स्काई वाॅक ब्रिज आदि के विकास से पर्यटन उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में जिला कुल्लू में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत 576 करोड़ रुपये की लागत से 65 सड़कों की डीपीआर केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि जिले में अब तक 12 किलोमीटर मोटर योग्य सड़क, 27 किलोमीटर सीडी कार्य, 50 किलोमीटर सोलिंग, वियरिंग, टारिंग, का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। विशेष केंद्रीय सहायता के अंतर्गत रांगड़ी के नजदीक कन्याल रोड के निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा कि कुल्लू में शिक्षा, अधोसंरचना विकास और छात्र कल्याण को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिले के 38 सरकारी विद्यालयों में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किए गए हैं। इन डिजिटल पुस्तकालयों में विद्यार्थियों की सुविधा हेतु पुस्तकों के साथ-साथ डेस्कटॉप कंप्यूटर, कुर्सी–मेज तथा इंटरनेट कनेक्शन की समुचित व्यवस्था उपलब्ध करवाई गई है, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक और डिजिटल शिक्षा से जोड़ा जा सके।
उन्होंने कहा कि जिला में नाबार्ड के अंतर्गत 18.5 करोड़ खर्च कर दस सड़कों का निर्माण किया गया है एससीडीपी में 1 करोड़ 55 लाख रूपये से विभिन्न 12 सड़कों का कार्य किया गया है । जिला में सीआरआईएफ के अंतर्गत 14 करोड़ से विभिन्न सड़कों के कार्यों को पूर्ण किया गया है 1 करोड़ 97 लाख रूपये खर्च कर हमने 6 नई ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया है ।
उन्होंने बताया कि जिला में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 18 सड़कों का निर्माण हुआ, जिसपर 35 करोड़ का व्यय किया गया है । प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत जिला कुल्लु की 65 सड़कों के निर्माण के लिए स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिसपर 576 करोड़ खर्च किये जायेंगे । व्यास नदी पर पीरडी में 28 करोड़ 35 लाख से पुल निर्माण के लिए स्वीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि सरवरी में विशाल पार्किंग का निर्माण करके पीज रोप वे को स्थापित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने ड्रेजिंग के लिए पहली बार नीति बनाते हुए स्वीकृति प्रदान की है। इसके अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर नदी के मलबे को हटाकर बाढ़ से सुरक्षा प्रदान करने का कार्य किया जाएगा इसमें कुल्लू से शाढा बाई तक व्यास नदी का तटीकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिला भर में व्यास सहित अन्य नदी नालों में भी ड्रेजिंग के लिये 62 साइटों को भी चिह्नित किया गया है ।
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