सूत्रधार कला संगम कुल्लू का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त कुल्लू से मिला, नशा निवारण के प्रयासों पर हुई चर्चा
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सूत्रधार कला संगम कुल्लू का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त कुल्लू से मिला, नशा निवारण के प्रयासों पर हुई चर्चा
देसी चैनल कुल्लू
कुल्लू, 16 अक्टूबर 2026। सूत्रधार कला संगम कुल्लू का एक प्रतिनिधिमंडल आज संस्था के अध्यक्ष दिनेश सेन की अध्यक्षता में उपायुक्त कुल्लू डॉ. अमित कुमार शर्मा (IAS) से मिला। इस दौरान संस्था की कला, संस्कृति एवं सामाजिक गतिविधियों सहित युवा पीढ़ी को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने के प्रयासों पर चर्चा की गई।
इस शिष्टाचार भेंट में संस्था के उपाध्यक्ष कवर वीरेंद्र सिंह, प्रचार-प्रसार सचिव सुंदर श्याम महंत, भंडार प्रभारी तिलक राज चौधरी, सचिव हितेश गोगी, मंजू लता शर्मा तथा कार्यकारिणी सदस्य भारत भूषण आचार्य भी उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल की ओर से संस्था के अध्यक्ष दिनेश सेन ने कुल्लू की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप उपायुक्त महोदय को कुल्लवी टोपी एवं मफलर पहनाकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उन्हें स्वागत पत्र भेंट किया गया तथा संस्था की पिछले 49 वर्षों की गतिविधियों, उपलब्धियों और सामाजिक योगदान से अवगत करवाया गया।
बैठक के दौरान संस्था की ओर से युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा इस दिशा में आयोजित किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की गई। उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने आश्वासन दिया कि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव की व्यस्तताओं के बाद वह संस्था के प्रतिनिधियों से पुनः मुलाकात करेंगे। साथ ही उन्होंने सामाजिक कार्यों, विशेषकर नशा निवारण के क्षेत्र में संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों में सहयोग का आश्वासन दिया।
राष्ट्रीय स्तर पर कुल्लू की संस्कृति को दिलाई पहचान
गौरतलब है कि सूत्रधार कला संगम कुल्लू हिमाचल प्रदेश की अग्रणी सांस्कृतिक संस्थाओं में से एक है। संस्था 15 राष्ट्रीय युवा उत्सवों में प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी है। इसके अतिरिक्त संस्था ने पूरे भारत के विभिन्न मंचों के साथ-साथ खाड़ी देश ओमान में भी हिमाचल प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति का प्रदर्शन किया है।
संस्था ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए हारमोनियम वादन में कांस्य पदक, बांसुरी वादन में रजत पदक तथा लोकगीत में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश को गौरवान्वित किया है।
स्वर्ण जयंती वर्ष में संस्कृति संरक्षण और नशा निवारण पर जोर
इस वर्ष सूत्रधार कला संगम अपना स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहा है। संस्था विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं आयोजनों के माध्यम से युवाओं को लोककला, लोकसंगीत और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें नशे जैसी सामाजिक कुरीतियों से दूर रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
संस्था का उद्देश्य लोक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ समाज में सकारात्मक जागरूकता लाना और युवा पीढ़ी को एक
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