नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 9816484075 , 9459106075 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , कोरोना काल में 12 हजार फंसे लोगों के मसीहा बने थे अनुराग चंद्र शर्मा – Desi Channel Kullu

Desi Channel Kullu

देवधरा हिमाचल की धड़कन,संस्कृति और सच के साथ।

कोरोना काल में 12 हजार फंसे लोगों के मसीहा बने थे अनुराग चंद्र शर्मा

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

कोरोना काल में 12 हजार फंसे लोगों के मसीहा बने थे अनुराग चंद्र शर्मा

देसी चैनल कुल्लू

कोरोना महामारी का वह दौर आज भी कुल्लू जनपद के लोगों के जेहन में ताजा है। जब चारों ओर सन्नाटा पसरा था, ढालपुर मैदान में सिर्फ पुलिस कर्मी और कुछ मीडिया प्रतिनिधि ही किट और मास्क पहने नजर आते थे। सड़कों पर वीरानी थी और लोगों के दिलों में भय। ऐसे आपातकालीन समय में कुल्लू जिला मानवता की एक बड़ी परीक्षा से गुजर रहा था।
लॉकडाउन के चलते विभिन्न राज्यों से आए करीब 12 हजार से अधिक लोग कुल्लू जिले के अलग-अलग स्थानों पर फंस गए थे। इनमें मजदूर, पर्यटक और अन्य जरूरतमंद शामिल थे। हालात इतने गंभीर हो गए थे कि कई स्थानों पर लोग तीन-तीन और चार-चार दिनों से भूखे रहने को मजबूर थे। परिवहन बंद था, बाजार बंद थे और बाहर निकलने पर पाबंदी थी।
ऐसे कठिन समय में जब फंसे हुए लोगों ने तत्कालीन प्रेस क्लब प्रधान धनेश गौतम से संपर्क साधा, तो उन्होंने मीडिया साथियों को एकजुट कर राहत पहुंचाने की ठानी। शुरुआती दो दिनों तक धनेश गौतम ने अपने निजी संसाधनों से लगभग 400 जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाया। इसके बाद यह मुहिम जन-आंदोलन का रूप लेने लगी और कई मीडिया कर्मी इस सेवा कार्य से जुड़ गए।
बाद में अनपूर्णा किचन अस्पताल ने भी भोजन तैयार करने और उसे जरूरतमंदों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संभाली। हालांकि राहत कार्य के दौरान कई बार प्रशासनिक स्तर पर आशंकाएं भी जताई गईं। कुछ अधिकारियों ने यह कहते हुए रोक लगाने की कोशिश की कि बाहर जाकर मदद पहुंचाने से संक्रमण फैल सकता है। उस समय यह चिंता भी थी कि कहीं राहत कार्य करने वाले स्वयं कोरोना के वाहक न बन जाएं।
इसी बीच उस समय के आईएएस अधिकारी अनुराग चंद्र शर्मा ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने न केवल मीडिया और स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की, बल्कि उच्च अधिकारियों तक सकारात्मक रिपोर्ट भी पहुंचाई। उनके हस्तक्षेप के बाद राहत कार्य को प्रशासनिक समर्थन मिला और यह अभियान और अधिक व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ सका।
अनुराग चंद्र शर्मा ने स्पष्ट आश्वासन दिया कि जहां से भी जरूरतमंदों की सूचना मिले, प्रशासन तक तुरंत पहुंचाई जाए, ताकि समय पर भोजन और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जा सके। उनके मार्गदर्शन और सहयोग से लगातार 15 दिनों तक कुल्लू में फंसे करीब 12 हजार लोगों तक भोजन और जरूरी मदद पहुंचाई गई।
कोरोना काल की उस विकट घड़ी में जब लोग अपने घरों से बाहर निकलने से डर रहे थे, तब मानवीय संवेदनाओं और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का यह संगम कई परिवारों के लिए जीवनदान साबित हुआ। कुल्लू में फंसे हजारों लोगों के लिए अनुराग चंद्र शर्मा सचमुच एक मसीहा बनकर उभरे, जिनकी संवेदनशीलता और तत्परता को आज भी कृतज्ञता के साथ याद किया जाता है।

देसी चैनल कुल्लू देसी चैनल देवभूमि कुल्लू देसी चैनल कुल्लू

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now

लाइव कैलेंडर

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930