सोलंग घाटी में एनसीसी की दो हिमालयी अभियानों हेतु चयन प्रक्रिया शुरू
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
सोलंग घाटी में एनसीसी की दो हिमालयी अभियानों हेतु चयन प्रक्रिया शुरू
सोलंग घाटी, 21 मई : राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) ने अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान में इस वर्ष आयोजित होने वाले दो प्रमुख हिमालयी अभियानों — माउंट देव टिब्बा अभियान तथा ऑल गर्ल्स परांग ला ट्रेक — के लिए गहन चयन परीक्षण प्रारंभ कर दिए हैं।

इन चयन परीक्षणों में लगभग 200 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना विंग के 175 कैडेट, एसोसिएट एनसीसी अधिकारी, गर्ल कैडेट इंस्ट्रक्टर तथा स्थायी प्रशिक्षक स्टाफ शामिल हैं। सभी प्रतिभागी अपने-अपने एनसीसी निदेशालयों द्वारा आयोजित प्रारंभिक चयन शिविरों को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर सोलंग घाटी पहुंचे हैं।
*माउंट देव टिब्बा अभियान*
6,001 मीटर ऊंचे माउंट देव टिब्बा अभियान में चयनित कैडेटों की हिमनद (ग्लेशियर) पर आवाजाही, बर्फ पर कार्य कौशल, रस्सी तकनीक तथा उच्च हिमालयी परिस्थितियों में जीवित रहने की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा। इस वर्ष अत्यधिक बर्फबारी के कारण अभियान और अधिक चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि दल प्री-मानसून अवधि में आरोहण का प्रयास करेंगे, जिससे मार्ग की तकनीकी और लॉजिस्टिक चुनौतियां बढ़ गई हैं।
*परांग ला ट्रेक*
परांग ला ट्रेक एनसीसी का पहला अंतरराज्यीय उच्च हिमालयी क्रॉसओवर अभियान होगा, जो दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में लगभग 180 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। इस अभियान में मुख्य परांग ला दर्रे (5,578 मीटर) को पार करने से पहले बाबा पास ट्रेक को तैयारी चरण के रूप में शामिल किया गया है। यह ट्रेक हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी से लद्दाख स्थित त्सो मोरीरी झील तक आयोजित होगा।

यह अभियान पूरी तरह से गर्ल कैडेट्स और महिला अधिकारियों द्वारा संचालित किया जाएगा, जो साहसिक एवं सहनशीलता गतिविधियों में महिलाओं के नेतृत्व, आत्मविश्वास और सहभागिता को बढ़ावा देने के प्रति एनसीसी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
*कठोर चयन प्रक्रिया*
चयन प्रक्रिया के दौरान प्रतिभागियों की शारीरिक क्षमता और सहनशक्ति का परीक्षण विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से किया जा रहा है, जिनमें लंबी दौड़, पुल-अप्स, पुश-अप्स, सिट-अप्स, अनुकूलन अभ्यास तथा भार वहन करते हुए रूट मार्च शामिल हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य कठिन पर्वतीय परिस्थितियों में प्रतिभागियों की सहनशक्ति, टीम भावना और मानसिक दृढ़ता का आकलन करना है।
चयन कार्यक्रम के अंतर्गत कैडेटों को 19 वर्ष की आयु में माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली भारत की सबसे युवा महिला पर्वतारोही श्रीमती डिकी डोलमा द्वारा प्रेरणादायक व्याख्यान भी दिया जाएगा।

अभियान दल के नेता विंग कमांडर कुनाल शर्मा ने उद्घाटन सत्र के दौरान कैडेटों को संबोधित करते हुए कहा कि हिमालयी अभियानों में सफलता के लिए अनुशासन, टीम भावना, मानसिक दृढ़ता और कठोर तैयारी अत्यंत आवश्यक है।
यह पहल मुख्यालय महानिदेशालय एनसीसी के प्री-मानसून पर्वतारोहण अभियान–2026 कार्यक्रम के अंतर्गत लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स, वाईएसएम, एसएम, वीएसएम के मार्गदर्शन में आयोजित की जा रही है। यह कार्यक्रम साहसिक प्रशिक्षण के माध्यम से चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के एनसीसी के व्यापक उद्देश्य को प्रतिबिंबित करता है।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space





