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सृष्टि रचयिता देव श्री ब्रह्मा व लक्ष्मी महामाई की शक्तियों के आगे वेवस हुए हजारों श्रद्धालु

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सृष्टि रचयिता देव श्री ब्रह्मा व लक्ष्मी महामाई की शक्तियों के आगे वेवस हुए हजारों श्रद्धालु
-देव परंपरा अनुसार हजारों श्रद्धालुओं ने रस्सों से खीचें देव रथ, देव शक्तियों के आगे असफल हुए श्रद्धालु
-चार माह वाद स्वर्ग प्रवास से लौटे सृष्टि रचयिता देव श्री ब्रह्मा व देवी महामाई लक्ष्मी से आशीर्वाद लेने के लिए उमड़ा जनसैलाब
सैंज
देसी चैनल कुल्लू 
सैंज घाटी के कनौन में बैसाखी मेले में देव परंपरा की अनूठी मिसाल देखने को मिली। सुदामा को अपने मित्र भगवान कृष्ण के साथ मिलने की चर्चा तो काफी सुनी है लेकिन कनौन में सृष्टि रचयिता देव श्री ब्रह्मा व देवी भगवती लक्ष्मी महामाई अपने अंगरक्षक देवता बनशीरा के पास मिलने की प्रथा है,जो हर वर्ष बैसाखी पर्व पर निभाई जाती है। ऊंची चोटी पर स्थित वनशीरा को जहां वनों की रक्षा का जिम्मा सृष्टि रचयिता देव श्री ब्रह्मा व देवी महामाई ने सौपा है। वहीं घाटी की जनता की रक्षा का जिम्मा भी सृष्टि रचयिता देवी श्री ब्रह्मा ने देवता वनशीरा के हाथों में दिया है। क्षेत्र की रक्षा व प्राकृतिक आपदाओं को टालने के लिए मंगलवार को सृष्टि के रचियता ब्रहमा व भगवती लक्ष्मी महामाई ने योद्धा देवता बनशीरा के साथ देव मंथन किया। इस अवसर पर घाटी के अराध्य देव सृष्टि रचयिता देव श्री ब्रह्मा व देवी भगवती लक्ष्मी महामाई के रथों को हजारों श्रद्धालुओं ने डोरे से खींचने की कोशिश की लेकिन देव शक्ति के आगे हजारों श्रद्धालु देव रथ को खींचने में असफल हुए। इसके बाद हजारों श्रद्धालुओं ने देव श्री ब्रह्मा व महामाई से निवेदन कर वही मुश्किल से ऊंची चोटी पर स्थित बनशीरा देवता के मंदिर तक देवी महामाई व देव श्री ब्रह्मा को पहुंचाया। वता दे कि मंगलवार को देव श्री ब्रह्मा व देवी महामाई तथा उनके अंगरक्षक देवता बनशीरा ने वर्ष भर में घटने बाली प्राकृतिक आपदाओं के बारे में भविष्यवाणी कर हारियनों को सचेत किया। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को देवता ब्रहमा ऋषि व देवी महामाई के रथ को पुरे लाव- लशकर के साथ मंदिर से बाहर निकाला और देव खेल का निर्वाह कर देव हारियानों ने देवता के स्वर्ण रथ को डोरे से खींच कर साथ लगते गांव कछैनी में देवी भगवती के मंदिर पहुंचाया। कछेणी मंदिर में देव श्री ब्रह्मा व भगवती महामाई का चार माह वाद भव्य मिलन हुआ। बैसाखी पर्व पर कनौन व कछैणी गाँव में देव दर्शन के लिए आए हजारों लोगों ने माता भगवती महामाई तथा देव श्री ब्रह्मा का आशीर्वाद लिया। बता दे ऐसे में भूत प्रेत पिशाच व अन्य बुरी आत्माओं से प्रभावित महिलाओं का देवी महामाई देव शक्तियों से इलाज कर स्वस्थ करती है और वही सैकड़ों महिलाओं ने रोग मुक्ति तथा सुख शांति की प्राप्ति के लिए माता भगवती के दरबार में हाजिरी लगवाई। मान्यता है कि माता लक्ष्मी पुत्र प्राप्ति का भी वरदान देती है और भूत प्रेत की नजर से प्रभावित महिलाओं व पुरुष का भी देव कार्य विधि से इलाज कर स्वस्थ करवाती है। उधर कछैणी गाँव में देव मिलन के वाद देवी-देवता के रथ को हजारों श्रद्धालुओं ने खींचते हुए ऊंची चोटी पर बनशीरा देवता के मंदिर तक पहुंचाया। वहां पर देव हारियानों ने जंगल की लचकदार लकड़ियों से एक गोल रिंग बनाया जिसे स्थानीय भाषा में चैचा कहते है। बाद में देव आज्ञानुसार देवी व देवता के हारियन में चैचा खिचने को लेकर खुव रस्सा कसी की । अंत में इसे एक ही व्यक्ति सैकड़ों लोगों में से छुड़ा कर ले जाता है। मान्यता है कि बनशीरा देवता उस व्यक्ति को वरदान देता है। इस देव प्रक्रिया को देखने के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे। वहरहाल मंगलवार को देव श्री ब्रह्मा व देवी महामाई की शक्तियों के आगे हजारों श्रद्धालु वेबस हुए हैं। वापसी पर देव हारीयानों ने कुलवी नाटी का आयोजन कर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।

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