मनाली बौद्ध मठ में धर्म गुरु दलाईलामा की जीवनी पर छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ।
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मनाली बौद्ध मठ में धर्म गुरु दलाईलामा की जीवनी पर छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ।
केलांग
केंद्रीय तिब्बती प्रशासन द्वारा जुलाई 2025 से जून 2026 तक” घोटोन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है । जिसके तहत बौद्ध गुरु 14वें दलाई लामा की 90वीं वर्षगांठ विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत क्षेत्रीय कुल्लू घोटोन समिति द्वारा 25 मार्च 2026 को बौद्ध मठ मनाली में एक छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया । बौद्ध धर्म गुरु दलाईलामा की जयंती को “करुणा वर्ष” के रूप में मनाते हुए इस छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से उनकी “जीवनयात्रा और विरासत को समर्पित प्रदर्शित किया गया । छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ लाहौल स्पीति के पूर्व विधायक एवं मनाली बौद्ध मठ कार्यसमिति के संरक्षक रवि ठाकुर ने किया । इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारा विनम्र उद्देश्य परम पावन दलाईलामा के असाधारण जीवन और उनकी शिक्षाओं एवं स्थायी विरासत को जन-जन तक पहुँचाना है।

उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी में दुर्लभ और महत्वपूर्ण छायाचित्रों का एक विशेष संकलन प्रस्तुत किया जाएगा, जो परम पावन के अद्भुत जीवन-यात्रा को दर्शाता है। तिब्बत में उनके प्रारंभिक जीवन से लेकर निर्वासन के लंबे और सार्थक काल तक, तथा शांति, करुणा और अहिंसा के लिए उनके निरंतर प्रयासों और तिब्बती संस्कृति, धर्म और पहचान को संरक्षित करने के उनके सतत प्रयासों का पूरा विवरण इस प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है । उन्होंने कहा कि करुणा की प्रतिमूर्ति दलाईलामा का प्रत्येक चित्र एक ऐसी कहानी कहता है जो सीमाओं से परे जाकर विश्वभर के लोगों के हृदय को प्रेरित करता है। रवि ठाकुर ने कहा कि जिस तरह आज के समय में विश्व चारों ओर से तनाव की स्थिति से गुजर रहा है खाड़ी देशों में युद्ध चल रहा है जो विश्व शांति के लिए घातक है । उन्होंने कहा कि दलाईलामा द्वारा जो शांति का मार्ग सुझाया जाता है उस पर चलकर कि विश्वशांति की कामना की जा सकती है। इस अवसर पर जिला कुल्लू तिब्बती वेलफेयर ऑफिसर तेनजिन सुल्ट्रिम ने बताया कि धर्मशाला स्थित तिब्बत संग्रहालय के सदस्यों को विशेष रूप से आमंत्रित किया है, ताकि वे यहां प्रदर्शित किए गए चित्रों के लिए सहयोग प्रदान करें और इस अवसर के माध्यम से तिब्बती मुद्दों से जुड़े विषयों के प्रति जागरूकता भी बढ़ा सकें। उन्होंने कहा कि समिति का मुख्य उद्देश्य केवल प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि नई और युवा पीढ़ियों को हमारे इतिहास, संस्कृति और पहचान की पृष्ठभूमि से अवगत कराना है। साथ ही विभिन्न प्रांतों से मनाली आने वाले पर्यटकों को भी बौद्ध धर्म की शिक्षाओं और दलाईलामा के जीवन से जुड़े संघर्षों से भी अवगत कराना है । उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से परम पावन 14वें दलाई लामा और तिब्बती समुदाय और महान तिब्बत राष्ट्र के संघर्ष और इतिहास के प्रति व्यापक जागरूकता और समझ को बढ़ावा मिलेगा।
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