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धाउगी वार्ड फिर से आरक्षित, लोगों में नाराजगी पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों ने डीसी कुल्लू के पास आपत्ति की दर्ज, चुनावी समीकरण बदले

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धाउगी वार्ड फिर से आरक्षित, लोगों में नाराजगी पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों ने डीसी कुल्लू के पास आपत्ति की दर्ज, चुनावी समीकरण बदले

कुल्लू।

देसी चैनल कुल्लू 

पंचायती राज संस्थाओं के सामान्य चुनाव-2026 से पहले जिला परिषद कुल्लू के वार्डों के आरक्षण की अधिसूचना जारी होते ही धाउगी वार्ड में एक बार फिर आरक्षण लागू होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। इस फैसले से कई संभावित उम्मीदवारों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है, जो इस वार्ड से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।

पूर्व पंचायत प्रतिनिधि झाबे राम ठाकुर और ओम प्रकाश ठाकुर ने इस संबंध में उपायुक्त कुल्लू के पास आपत्ति दर्ज करवाई है। उनका कहना है कि धाउगी वार्ड को पिछले तीन दशकों से बार-बार आरक्षित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के अन्य वर्गों को प्रतिनिधित्व का अवसर नहीं मिल पा रहा है।

कार्यालय उपायुक्त, जिला कुल्लू द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 89 तथा पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम 28 के तहत जिला परिषद के वार्डों का आरक्षण निर्धारित किया गया है। उपायुक्त अनुराग चन्द्र शर्मा (भा.प्र.से.) द्वारा जारी अधिसूचना में धाउगी वार्ड को इस बार महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार आरक्षण के कारण कई योग्य उम्मीदवार चुनावी प्रक्रिया से बाहर हो जाते हैं। उनका आरोप है कि इससे क्षेत्र के विकास और संतुलित प्रतिनिधित्व पर भी असर पड़ता है। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई है।

वहीं, अन्य वार्डों में भी आरक्षण के चलते चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। कुछ वार्ड अनुसूचित जाति और महिला वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं, जबकि कुछ को अनारक्षित रखा गया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नई आरक्षण व्यवस्था से जहां कई नए चेहरे सामने आ सकते हैं, वहीं कुछ क्षेत्रों में असंतोष चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकता है।

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