सेऊगी मेला धूमधाम से संपन्न, अनिल राणा बोले— मेले हमारी संस्कृति और पहचान के प्रतीक
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सेऊगी मेला धूमधाम से संपन्न, अनिल राणा बोले— मेले हमारी संस्कृति और पहचान के प्रतीक
देसी चैनल कुल्लू
कुल्लू। जिला कुल्लू का पारंपरिक सेऊगी मेला इस वर्ष भी पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। मेले में स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से आए लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। इस अवसर पर युवा समाजसेवी अनिल राणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि अनिल राणा ने अपने संबोधन में कहा कि मेले हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने कहा, “मेलों में ही हमारी संस्कृति जीवित है, मेले सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि हमारी पहचान हैं।” उन्होंने बताया कि मेलों के माध्यम से हमारी सभ्यता, रहन-सहन, पारंपरिक पहनावा और आपसी मेलजोल की झलक देखने को मिलती है, जो हमारी विरासत को जीवित रखने में अहम भूमिका निभाती है।
उन्होंने आगे कहा कि मेले केवल आनंद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का सशक्त मंच भी हैं। “यहां लोग आपसी भेदभाव भुलाकर एक साथ आते हैं, जिससे सामाजिक एकता और भाईचारा मजबूत होता है,” उन्होंने कहा। अनिल राणा ने मेले की गरिमा बनाए रखने पर भी जोर देते हुए कहा कि सभी को मिलकर इस परंपरा को सहेजना चाहिए।
देव संस्कृति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कुल्लू के मेले देव परंपराओं से गहराई से जुड़े हैं और यह हमारी आस्था का भी प्रतीक हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे इन परंपराओं का सम्मान करें और आने वाली पीढ़ियों तक इसे सुरक्षित पहुंचाएं।
अपने संबोधन में उन्होंने सामाजिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि राजनीतिक दल अक्सर समाज को बांटने का काम करते हैं, लेकिन हमें इससे ऊपर उठकर एकजुट रहना चाहिए। “अगर हम एकजुट रहेंगे, तो कोई भी ताकत हमें कमजोर नहीं कर सकती,” उन्होंने कहा।
मेले के दौरान स्थानीय कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनमें पारंपरिक नृत्य और लोकगीतों ने दर्शकों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और लोगों ने मेले का भरपूर आनंद उठाया।
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