माननीय विधायक कुमारी अनुराधा राणा एवं परियोजना निदेशक डॉ. सुनील चौहान की उपस्थिति में लाहौल एवं स्पीति में दो वहाव सिंचाई योजनाओं का हस्तांतरण, 306 कृषक परिवार होंगे लाभान्वित
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माननीय विधायक कुमारी अनुराधा राणा एवं परियोजना निदेशक डॉ. सुनील चौहान की उपस्थिति में लाहौल एवं स्पीति में दो वहाव सिंचाई योजनाओं का हस्तांतरण, 306 कृषक परिवार होंगे लाभान्वित
हिमाचल प्रदेश में संचालित फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (चरण-II), जायका-ओडीए के अंतर्गत खंड परियोजना प्रबंधन इकाई, कुल्लू के अधीन जिला लाहौल एवं स्पीति में निर्मित दो जल बहाव सिंचाई उप-परियोजनाओं वहाव सिंचाई योजना यारती (तिननो) एवं वहाव सिंचाई योजना जोबरंग—का हस्तांतरण दिनांक 24 अक्टूबर, 2026 को माननीय विधायक लाहौल एवं स्पीति कुमारी अनुराधा राणा की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई, हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (चरण-II), जायका-ओडीए, हमीरपुर से परियोजना निदेशक डॉ. सुनील चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती शशि किरण, जिला परिषद सदस्य श्री राम सिंह एवं श्रीमती सोनम ठाकुर सहित संबंधित विभागीय अधिकारियों, ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों, कृषक विकास संघ के प्रतिनिधियों तथा लाभार्थी किसानों ने भाग लिया।
ग्राम पंचायत कोलोंग के अंतर्गत गाँव तिननो में निर्मित वहाव सिंचाई योजना यारती (तिननो) का निर्माण कार्य ₹59,23,164 की लागत से पूरा किया गया है। इस योजना के माध्यम से लगभग 25.71 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी तथा 78 कृषक परिवार लाभान्वित होंगे। इसी प्रकार, ग्राम पंचायत जोबरंग के अंतर्गत गाँव जोबरंग में निर्मित वहाव सिंचाई योजना जोबरंग का निर्माण कार्य ₹1,24,02,591 की लागत से पूरा किया गया है। इस योजना के माध्यम से लगभग 55.66 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी तथा 228 कृषक परिवार लाभान्वित होंगे।
दोनों सिंचाई उप-परियोजनाओं के निर्माण पर कुल ₹1,83,25,755 की राशि व्यय की गई है। इनके माध्यम से कुल 81.37 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी तथा 306 कृषक परिवार लाभान्वित होंगे। इन योजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र के किसानों को कृषि कार्यों के लिए पानी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कृषि गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान माननीय विधायक कुमारी अनुराधा राणा ने हस्तांतरण प्रमाण-पत्र प्रदान कर दोनों सिंचाई योजनाएँ संबंधित कृषक विकास संघों को विधिवत रूप से सौंपीं। साथ ही, उन्होंने कृषक विकास संघों को कुहल के रखरखाव के लिए टूलकिट भी वितरित कीं। इस अवसर पर सिंचाई प्रणालियों के उचित संचालन एवं रखरखाव, जल संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा योजनाओं की दीर्घकालीन उपयोगिता सुनिश्चित करने में कृषक विकास संघों की भूमिका पर बल दिया गया।
फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (चरण-II), जायका-ओडीए का मुख्य उद्देश्य सिंचाई सुविधाओं का विकास करके किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ नकदी एवं उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। परियोजना के अंतर्गत सिंचाई ढाँचे के विकास के साथ किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने तथा बाजार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध करवाने पर भी विशेष बल दिया जा रहा है। इससे किसानों को फसल विविधीकरण के माध्यम से कृषि उत्पादन एवं आय बढ़ाने के अवसर प्राप्त होंगे।
जायका-ओडीए के अंतर्गत निर्मित ये दोनों सिंचाई उप-परियोजनाएँ जिला लाहौल एवं स्पीति में कृषि विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। बेहतर सिंचाई सुविधाओं के माध्यम से किसान फसलों की उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण अपनाने तथा अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। सिंचाई सुविधाओं का उचित उपयोग, जल संसाधनों का समुचित प्रबंधन तथा कृषक विकास संघों की सक्रिय भागीदारी इन योजनाओं की दीर्घकालीन सफलता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई, हमीरपुर से विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. आशीष आनंद एवं डॉ. अनु यादव तथा वरिष्ठ विपणन अधिकारी श्रीमती नीतिका; जिला परियोजना प्रबंधन इकाई, मंडी से जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. हेम राज वर्मा एवं विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. खूब राम ठाकुर; खंड परियोजना प्रबंधन इकाई, कुल्लू से खंड परियोजना प्रबंधक डॉ. जयंत रत्ना, निर्माण अभियंता भरत भूषण, कृषि अधिकारी संजय कुमार, हिमांशु ठाकुर, कनिष्ठ अभियंता शिवाँकित धीमान एवं मनमोहन सिंह, कृषि प्रसार अधिकारी मोनिका सैनी तथा पर्यवेक्षक साहिल भारद्वाज; जिला परियोजना प्रबंधन इकाई, मंडी से निर्माण अभियंता सौरभ तथा पी.एम.सी., हमीरपुर से श्री सुदर्शन, श्री नरदेव एवं श्री तृषान पुरोहित उपस्थित रहे।
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