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तीर्थन घाटी में पोर्टेबल बायोमास बुखारी का प्रदर्शन, कचरे से बनेगी स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा।

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तीर्थन घाटी में पोर्टेबल बायोमास बुखारी का प्रदर्शन, कचरे से बनेगी स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा।

देसी चैनल कुल्लू 

एलपीजी पर निर्भरता कम करने की दिशा में नई पहल।

गुशैनी और बठाहड़ में स्थानीय लोगों के बीच हुआ लाइव डेमो।

खाना बनाने, कमरे और पानी गर्म करने की सुविधा एक ही सिस्टम में।

तीर्थन घाटी गुशेनी बंजार(परस राम भारती):- कुल्लू जिले की तीर्थन घाटी में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रविवार को बायोमास ऊर्जा प्रणाली पर आधारित पोर्टेबल हाईटेक बुखारी का प्रदर्शन किया गया। डेमो के दौरान दिखाया व बताया गया कि कैसे इस तकनीक के माध्यम से कृषि अपशिष्ट और लकड़ी के छोटे टुकड़ों जैसे स्थानीय ईंधन का उपयोग कर खाना पकाने, कमरे को गर्म रखने और पानी गर्म करने जैसी कई जरूरतें एक ही उपकरण से पूरी की जा सकती हैं।

 

प्रज्ञानम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, हमीरपुर के सहयोग से रविवार को यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। कंपनी के को-फाउंडर अश्वनी शर्मा ने बताया कि तीर्थन घाटी के गुशैनी नागनी स्थित कलियुगा रिसॉर्ट और बठाहड़ क्षेत्र में लोगों के बीच इस प्रणाली का लाइव डेमो दिया गया। इस दौरान पर्यटन कारोबारियों, होमस्टे संचालकों और स्थानीय लोगों को इस नई तकनीक बुखारी तंदूर की कार्यप्रणाली और इसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

 

जिला हमीरपुर के बाहली गांव निवासी रोहित शर्मा और अश्वनी शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि पहाड़ी और बर्फीले इलाकों में ऊर्जा के बेहतर उपयोग और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनोखा नवाचार सामने लाया गया है। इन दोनों युवकों ने पारंपरिक तंदूर बुखारी को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर एक हाईटेक पोर्टेबल बुखारी तैयार की है।

इस बुखारी की खासियत यह है कि इसमें ओवन, स्टीमर और गीजर जैसी कई सुविधाएँ एक साथ उपलब्ध हैं। इसके साथ ही यह लकड़ी की खपत को लगभग 40 प्रतिशत तक कम कर सकती है।

इन्होंने बताया कि

इस हाईटेक बुखारी का उपयोग पानी गर्म करने, खाना बनाने और कमरे को गर्म रखने के लिए किया जा सकता है। एक बार खाना बनाने के बाद यह कमरे को लगभग 7 से 8 घंटे तक गर्म रख सकती है। तीन फुट ऊंची इस बुखारी में लगभग 20 लीटर पानी गर्म करने की क्षमता है। इसमें पानी निकालने के लिए नल भी लगाया गया है। इसके साथ ही इसमें स्टीम के लिए अलग सिस्टम भी दिया गया है।

बुखारी को आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए इसमें चार पहिए लगाए गए हैं, जिससे यह पूरी तरह पोर्टेबल बन गई है।

 

हमीरपुर जिले के बाहली निवासी रोहित शर्मा और अश्वनी शर्मा ने इस हाईटेक बुखारी का प्रोटोटाइप तैयार किया है। दोनों ने अपने इस नवाचार को एनआईटी हमीरपुर में आयोजित राष्ट्रीय स्टार्टअप शिखर सम्मेलन 2026 में प्रस्तुत किया। इस प्रोटोटाइप को इन्क्यूबेशन के लिए चयनित किया गया और प्रतियोगिता में इसे दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। इसके लिए दोनों युवकों को 30 हजार रुपये का पुरस्कार भी दिया गया।

 

इन्होंने बताया कि

बाजार में उपलब्ध टर्किश बुखारी भी कुछ समान सुविधाएँ देती है, लेकिन उसमें पानी के भंडारण और इनबिल्ट स्टीमर जैसी सुविधाएँ नहीं होतीं। टर्किश बुखारी की कीमत बाजार में लगभग एक लाख रुपये तक होती है, जबकि इस हाईटेक बुखारी की कीमत करीब 40 हजार रुपये तक रखी गई है। इस नवाचार को ऊर्जा के बेहतर उपयोग और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इन्क्यूबेशन सेंटर में इसे निःशुल्क इन्क्यूबेशन सुविधा दी जाएगी और प्रोटोटाइप को विकसित कर पेटेंट फाइल करने में भी सहायता प्रदान की जाएगी।

 

तीर्थन घाटी में आयोजित डेमो के दौरान स्थानीय पर्यटन कारोबारियों और होमस्टे संचालकों ने इस तकनीक में खास रुचि दिखाई। उनका कहना है कि यदि यह प्रणाली घाटी में अपनाई जाती है तो इससे एलपीजी की बढ़ती कीमतों से राहत मिलेगी और पर्यटन क्षेत्र को सस्ती तथा स्वच्छ ऊर्जा का नया विकल्प मिल सकेगा। इस अवसर पर तीर्थन संरक्षण एवं पर्यटन विकास एसोसिएशन के अध्यक्ष वरुण भारती, उपाध्यक्ष अमन नेगी, ग्राम पंचायत मशयार के पूर्व उप प्रधान एवं पर्यटन कारोबारी ठेवा राम सहित कई लोग मौजूद रहे।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि अपशिष्ट को स्वच्छ ऊर्जा में बदलने वाली यह तकनीक भविष्य में ग्रामीण क्षेत्रों और पर्यटन स्थलों के लिए एक प्रभावी समाधान साबित हो सकती है। खासकर पहाड़ी और ठंडे क्षेत्रों में यह तकनीक ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

 

प्रगयानम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के को-फाउंडर अश्वनी शर्मा ने बताया कि फिलहाल इस बुखारी-तंदूर का केवल बेस मॉडल तैयार किया गया है, जिसे लोगों को दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कस्टमर ट्रायल के बाद लोगों से जो भी फीडबैक मिलेगा, उसके आधार पर इसमें और सुविधाएँ जोड़ी जाएँगी तथा इसे अधिक बजट-फ्रेंडली बनाया जाएगा। उनका कहना है कि जल्द ही इस तंदूर के कई अलग-अलग मॉडल बाजार में उपलब्ध करवाए जाएंगे। इस संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए इच्छुक व्यक्ति कंपनी के फोन नंबर 8219501996 पर संपर्क या मैसेज कर सकते हैं।

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